1971 के युद्ध में बालाघाट जिले के 11 सैनिक भी शामिल थे

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बालाघाट सन 1971 के युद्ध में भारतीय सेना को पाकिस्तानी सेना पर मिली विजय के उपलक्ष्य में आगामी 16 दिसम्बर को बालाघाट जिले में भी विजय दिवस मनाया जायेगा। जिला प्रशासन द्वारा इसके लिए तैयारी प्रारंभ कर दी है। 1971 के युद्ध में बालाघाट जिले के 11 सैनिकों ने भी भाग लिया था। इन सैनिकों एवं उनके परिजनों का 16 दिसम्बर को आयोजित कार्यक्रम में सम्मान किया जायेगा। यह कार्यक्रम मुलना स्टेडियम ग्राउंड बालाघाट में आयोजित किया जायेगा। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि द्वारा मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ के संदेश का वाचन भी किया जायेगा।

     16 दिसम्बर को आयोजित कार्यक्रम में बालाघाट जिले के इन सैनिकों व उनके परिजनों का सम्मान किया जायेगा। इस अवसर पर प्रात: 8 बजे मुलना स्टेडियम से विजय दौड़ का भी आयोजन किया जायेगा। विजय दौड़ मुलना स्टेडियम से आम्बेडकर चौक, काली पुतली चौक से होते हुए जय स्तंभ चौके से वापस मुलना स्टेडियम में समाप्त होगी। 16 दिसम्बर को विजय दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत स्तर, तहसील स्तर एवं नगरीय निकायों में भी कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा।  स्कूलों एवं कालेजों में वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा। विजय दिवस के उपलक्ष्य में 16 दिसम्बर को रात्री में सभी शासकीय एवं सार्वजनिक स्थलों पर रोशनी की जायेगी।

     1971 की लड़ाई में भारतीय सेना के सैनिक के रूप में बालाघाट जिले के पौनी मलाजखंड के टीएस मांडवे, मोहबट्टा के फग्गन सिंह धुर्वे, लांजी के श्री पी एल पसीने, भटेरा रोड के श्री चैतराम बंसोड़, वार्ड नंबर-01 भटेरा चौकी के श्री अक्षयलाल सिंह,  बुढ़ी बालाघाट के श्री देवनलाल बोपचे, कोसमी-बालाघाट के श्री तिलक चंद भौतेकर, कनकी की श्रीमती फुलन बाई पति स्वर्गीय श्री सदाशिव धाने, हट्टा की श्रीमती दमयंती देवी पति स्वर्गीय श्री बेनीप्रसाद सिंह पिछोड़े, सिवनीकला की श्रीमती सीता कोरे पति स्वर्गीय श्रीराम कोरे एवं लिंगा के श्री भैयालाल बहेकार शामिल थे। आम जनता से अपील की गई है कि वे राष्ट्रीय महत्व के इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित हों।

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